दिल्ली पब्लिक स्कूल ने तनाव प्रबंधन पर एक कार्यशाला का आयोजन किया।

हम अपनी आशाओं को काबू में रख कर तनाव से निपट सकते हैं।- नेहा मेहरोत्रा

सीतापुर: वर्तमान समय मे हर कोई किसी न किसी तनाव में है क्योंकि हर समय व्यक्ति के सामने एक परीक्षा उपस्थित रहती है और बीतता समय हमें याद दिलाता हैं कि हमें समय के साथ चलते हुए बहुत सारी जिम्मेदारियाँ उठानी हैं और उम्मीदों पर खरा उतरना है।

कार्यशाला में बच्चों को सम्बोधित करती नेहा मेहरोत्रा

इसी प्रकार छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव और किसी भी अवांछित स्थिति से निपटने में मदद करने के लिए, दिल्ली पब्लिक स्कूल सीतापुर ने आज कक्षा 10 और 12 के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया।

नेहा मेहरोत्रा पैरेंटिंग कोच, एनएलपी प्रैक्टिशनर, डीएमआईटी सलाहकार एंव कैरियर कोच और डॉ. नीरज सिंह स्वास्थ्य और कल्याण कोच, होम्योपैथिक परामर्शदाता एंव मनोचिकित्सक सत्र के लिए मुख्य संसाधन व्यक्ति थीं। नेहा मेहरोत्रा ने छात्रों को बताया कि तनाव और चिंता मानव स्वभाव का एक अभिन्न अंग हैं, और यह जानना जरूरी है कि उनसे कैसे निपटा जाए और अंततः उन पर कैसे काबू पाया जाए। उन्होंने बताया, तनाव अच्छा या बुरा हो सकता है, लेकिन यह हमारा दृष्टिकोण है जो तय करता है कि हम इससे कैसे निपटते हैं। “हम अपनी आशाओं को काबू में रख कर तनाव से निपट सकते हैं।”

कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्थ्य और कल्याण कोच डॉ. नीरज सिंह ने छात्र-छात्राओं को तनाव दूर करने के लिए विभिन्न प्रकार की विधियों के प्रयोग के बारे में जानकारी प्रदान की, जैसे कि हमें पढ़ाई करते समय मोबाइल फोन को खुद से दूर रखना चाहिए, पढ़ाई करने के दौरान बीच-बीच में थोड़ा-थोड़े अंतराल पर ब्रेक लेना चाहिए तथा अपनी आंखों की एक्सरसाइज भी करनी चाहिए जिससे हमारा तनाव कम हो सके और हम अच्छे से पढ़ाई कर सकें। सेमिनार छात्रों के चेहरों पर बड़ी मुस्कान और तनाव से सकारात्मक तरीके से निपटने के उपायों के साथ संपन्न हुआ।

इस अवसर पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य आर.के. सिंह, एच एम सीनियर विंग फरह़ इमाम, कक्षा 10 और 12 के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।

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