शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु डायरेक्टर (ट्रेनिंग) सीबीएसई दिल्ली राम शंकर यादव ने किया जापान भ्रमण

भारतीय शिक्षा व्यवस्था नवीन ऊर्जा के साथ अपने राष्ट्रीय एवं वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु अग्रसर : राम शंकर यादव

टोक्यो (जापान): केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के विद्यालय जापान में भी है. बोर्ड की चेयरपर्सन निधि छिब्बर, आई.ए.एस के दिशा निर्देशन में बोर्ड के सभी विद्यालयों विशेषकर विदेशो में स्थित विद्यालयों में प्रशिक्षण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इस अनुक्रम में राम शंकर यादव डायरेक्टर(ट्रेनिंग) सीबीएसई दिल्ली द्वारा पूजा गुप्ता, प्रधानाचार्या, स्प्रिंगडेस स्कूल, दिल्ली के साथ शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों हेतु जापान भ्रमण किया गया।

इस दौरान केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के जापान स्थित विद्यालय-परिवार के वासुदेव रूपानी, निर्मल जैन, राजेंद्र मलवल, मधु खन्ना एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं भी मौजूद रही।

इस भ्रमण कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए डायरेक्टर (ट्रेनिंग) सीबीएसई दिल्ली राम शंकर यादव ने बताया दूसरे विश्वयुद्ध का अंत एक तरह से 1945 में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर अणु बम गिराने के बाद ही हुआ था, फिर भी आज जापान दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में चौथे नंबर पर है. जापान का क्षेत्रफल और जनसंख्या अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी कम है, इसलिए इसके मायने और बढ़ जाते हैं. जापान ने अपने नागरिकों को विकसित करने की पहल की और फलस्वरूप देश भी विकसित हो गया. 1947 में जापान ने शिक्षा सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम “शिक्षा का मूल अधिकार” कानून के रूप में बनाकर उठाया. यह कानून देश के हर नागरिक को शिक्षा का मूल अधिकार देता है और इसके तहत “सम्पूर्ण व्यक्ति” के विकास की रूप रेखा तय की गयी. इसी कानून के तहत हर नागरिक को 6 से 9 सालों तक पूर्ण रूप से मुफ्त शिक्षा देने की व्यवस्था हुई. इस फ़ॉर्मूला को 6-3-3-4 के नाम से जाना जाता है, यानी कि 6 साल प्राथमिक शिक्षा, 3 साल छोटी द्वितीयक शिक्षा, 3 साल बड़ी द्वितीयक शिक्षा और आखिर के 4 साल बड़ी पूर्वस्नातक शिक्षा. जापान में प्रोफेशनल ट्रेनिंग स्कूल और कॉलेजों में अभ्यास कर विद्यार्थी बाज़ार में मांग के अनुरूप तैयार शिक्षित होकर निकलता है। उन्होंने बताया भारतीय शिक्षा व्यवस्था भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की नवीन ऊर्जा के साथ अपने राष्ट्रीय एवं वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु अग्रसर है।

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