मेरठ: बेटियां फाउंडेशन मेरठ व राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान नई दिल्ली द्वारा ऑनलाइन गूगल मीट का आयोजन किया गया । जिसमें बच्चों द्वारा गैजेट्स के उपयोग पर चर्चा का विषय था। बच्चों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर जैसी डिवाइस का उपयोग करने में शामिल संभावित हानियों और लाभों को कैसे व्यवहार में लाया जाए जिससे ये उपयुक्त चर्चा बाल विकास के लिए उपयोगी साबित हो सके।
संस्था अध्यक्ष अंजु पाण्डेय ने बताया कि कुछ अभिभावकों को संस्था ऑफिस पीवीएस मॉल पर इकट्ठा किया ताकि 1 साल से 4 साल के बच्चो में तेजी से पनप रही मोबाइल फोबिया को समाप्त किया जा सकेएडी (सीडी डिवीजन) एनआईपीसीसीडी मुख्यालय नई दिल्ली से श्रीमती सीमा गुप्ता जी ने बताया कि मातापिता बच्चो को समय न देकर मोबाइल हाथ में पकड़ा देते है रोते रोते बच्चा चुप हो जाता है फिर वह कुछ खायेगा भी, तो मोबाइल को देखकर।मातापिता बच्चो को अपने साथ घर में व बाहर गेम खिलाए इससे बच्चा मोबाइल से तो दूर होगा ही साथ ही उनका शारीरिक विकास भी होगा व बच्चे मातापिता के संरक्षण में भी रहेंगे । शुरू से बच्चा मोबाइल में गेम आदि देखकर खुश होता है तो मोबाइल उसकी आदत हो जाती है और धीरे धीरे बच्चा एडिक्ट हो जाता है मातापिता भी फ्री महसूस करते है कि बच्चा परेशान नही कर रहा है, पर वह भूल जाते हैं कि मातापिता की असली परेशानियां अब शुरू हो गई हैं जैसे- 1.बच्चो का मानसिक व शारीरिक विकास का रुकना 2.आंखे खराब होना 3. चेहरे पर रेडिएशन का दुष्प्रभाव होना 4. बच्चे की कोई अन्य एक्टिविटी का न होना 5. पढ़ाई में मन न लगना 6. जिद्दी होना और न जाने कितनी बाते है जो बच्चो के भविष्य पर असर डालती है यदि बचपन से इन गैजेट्स के अधिक उपयोग को न रोका गया तो बड़े होते होते बच्चा किसी कुप्रवृत्ति का शिकार हो सकता है ।
संस्था सचिव ने सुबह 10 बजे से 4 बजे तक चल रही कार्यशाला पर राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान नई दिल्ली व समस्त अधिकारियों को धन्यवाद दिया कि इस तरह की कार्यशालाओं का होना समय की मांग है । हम बेटियां फाउंडेशन के माध्यम से चौपाल आदि लगाकर लोगो को जागरूक करेंगे ताकि बच्चो के स्वास्थ्य के साथ उनका भविष्य भी सुधर सके। इस अवसर पर अभिभावकों के साथ संस्था सदस्य शशिबाला, अर्चना, दीप्ति, सुधा अरोड़ा, कोषाध्यक्ष कुसुम मित्तल, पल्लवपुरम क्षेत्रीय अध्यक्ष बबीता कटारिया,विनीता तिवारी, निशि सक्सेना का सहयोग रहा ।
