मातापिता ही बनाएंगे बच्चों का चरित्र- अंजू पाण्डेय


मेरठ: बेटियां फाउंडेशन द्वारा जाग्रति विहार व मोहनपुरी में महिलाओं के साथ संवाद, चर्चा की गई जिसमे समाज में आये दिन हो रहे घरेलू हिंसा, महिलाओं का उत्पीड़न, किशोरियों का गुमराह होना, बुजुर्गों के साथ अत्याचार आदि समस्याओं के लिए समाधान खोजे गए अध्यक्ष अंजू पाण्डेय ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि मातापिता को बाल्यावस्था से बच्चों को सांस्कारिक भाषा, एक दूसरे का सम्मान, भाषा को संयम में रहकर बोलना सिखाना चाहिए ताकि बड़े होते होते ये सभी आदतें उनके व्यवहार में शामिल रहे।बचपन मे सीखी बातें ही व्यक्ति को सही मार्ग में ले जाती हैं।

शोभा शर्मा के अनुसार बढ़ती उम्र के बच्चों पर अंकुश नही निगरानी रखे कि कंही किसी गलत संगत में तो नहीं हैं, मर्यादित व्यवहार सिखाये। मातापिता ही बच्चों की संपत्ति हैं इसलिए बचपन को इतना संस्कारपूर्ण बनाये कि वह बचपन से ही एक दूसरे का सम्मान व अच्छी आदतें सीखे तभी परिवार सुखी,सम्पन्न,व समाज सुव्यवस्थित होगा आज के संवाद में इंद्रप्रकाश गोयल ने कहा कि सभी अपने अपने स्तर पर लोगों को जागरूक करेगे जिससे आने वाली पीढ़ी सभ्य समाज के रूप में दृष्टिगत होगी।


इस अवसर पर राजकुमारी, अनिता, प्रेम, गरिमा, ऋचा, रजनी, मिथलेश, गुड़िया, निर्मल, शिल्पी, मीनू आदि का सहयोग रहा। ऑस्ट्रेलिया से आये जॉली ने बेटियां फाउंडेशन द्वारा किये जा रहे कार्यो की तारीफ की अंजू पाण्डेय ने उनका धन्यवाद व आभार व्यक्त किया।

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