मिट्टी में टीले में दबने से जख्मी छात्राओं के मामले पर आखिर क्यों मौन साधे है प्रयाग राज के उच्च अधिकारी

प्रयागराज: फाफामऊ के गोहरी गाँव मे रविवार की सुबह हुए हादसे में छः छात्राएं जख्मी हो गयी थी, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में सेप्टिक टैंक के लिए मिट्टी खोदी गई थी, मिट्टी का टीला सुबह ढह गया जिससे छात्राएं गड्ढे में जा गिरी, मिट्टी में दबने से चीख पुकार मची तो स्थानीय लोगों ने छात्राओं को बाहर निकाला।जिसमे दो छात्राओं के नाक से खून बह रहा था। सभी छह छात्राओं को पास के अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें शहर के बेली अस्पताल रेफर कर दिया गया हादसे में जख्मी दो छात्राओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।

जखमी छात्राओं में वर्षा(13),अंकिता(12),रंगीनी(14) दीक्षा पटेल (8)साक्षी (7)साल है। हादसे के बाद कस्तूरबा गांधी विद्यालय में खलभली मच गई है, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सुबह छात्राओं से ही मिट्टी पटवाई जा रही थी,इसी दौरान हादसा हो गया, हालांकि इस संबंध में विद्यालय प्रशासन कुछ भी बोलने को तैयार नही है। जनपद प्रयागराज के खंड शिक्षा अधिकारी में से एक खण्ड शिक्षा अधिकारी सोरांव वरुण मिश्रा के आवास की दूरी उक्त विद्यालय से मात्र 300 मीटर की दूरी पर है वह रोज उधर से ही आते जाते है इन सबके बावजूद उक्त स्थान तक छात्रायें पहुँची, यह जांच का विषय है।

उक्त घटना के स्थान से खंड शिक्षा अधिकारी के आवास की दूरी अत्यंत कम है ऐसे में क्या खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालय का निरीक्षण समय समय पर नही करते रहना चाहिए था? इतने नजदीक आवास होने के बावजूद वार्डन को उनके निरीक्षण के कोई भय नही था। इससे सिद्ध होता है कि खंड शिक्षा अधिकारी भी उक्त भ्रष्टाचार में लिप्त है क्योंकि उनकी नाक के नीचे इतनी बडी घटना हो जाना और उन्हें इस बात की भनक भी न लगे।
सोरांव गाँव के शिक्षको ने दबी जुबान से बताया है कि खंड शिक्षा अधिकारी मात्र वसूली में ही व्यस्त रहते है उनको अपने पदीय दायित्वों से कोई सरोकार नही है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी की भी हनक का भी उन पर कोई असर नही है, खंड शिक्षा अधिकारी प्रायः शिक्षकों से यह भी कहते रहते है की सरकार उनकी है कोई भी उनका कुछ भी बिगाड़ नही सकता , उक्त घटना के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी दोनों घटना पर परदा डालते नजर आए, पूरे प्रकरण में खंड शिक्षा अधिकारी की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए तथा प्रथम दृष्टया उनको निलबिंत किया जाना चाहिए।

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