प्रयागराज: विगत 26 नवम्बर को जब बीएसए प्रयागराज ने विकासखण्ड के शंकरगढ़ के विद्यालयों का प्रातःकाल साढ़े आठ बजे से औचक निरीक्षण प्रारम्भ कर दिया जिसके क्रम में वह आमगोंदर विद्यालय गए। वहां उपस्थित सहायक अध्यापक ने जब उनसे पूंछा कि आप कौन हैं तो बीएसए द्वारा कहा गया कि मै तुम्हारा बाप हूँ।
यह खबर जब तेजी से वायरल हुई तो बीएसए ने उस शिक्षक से दबाव डलवाकर अपने पक्ष में लिखवा लिया जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सवाल फिर वहीं का वहीं है कि, बीएसए ने जब ऐसा कुछ कहा ही नहीं तो उन्हें उस शिक्षक से अपने पक्ष में लिखवाने की आवश्यकता ही क्यों पड़ी? दूसरा प्रश्न यह है कि बीएसए को कैसे पता कि किस सहायक अध्यापक ने ऐसा कहा क्योंकि आमगोंदर में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के दो विद्यालय हैं जिनका उन्होंने निरीक्षण किया। फिर बीएसए को कैसे पता कि प्राथमिक विद्यालय आमगोंदर के सहायक अध्यापक ने उन पर ऐसा आरोप लगाया कि उच्च प्राथमिक विद्यालय आमगोंदर के सहायक अध्यापक ने।
तात्पर्य यह है कि यहां चोर की दाढ़ी में तिनके वाली कहावत चरितार्थ होती हुई प्रतीत हो रही है। इस पूरी कवायद में निष्कर्ष यह निकलता है कि बीएसए अपनी गलती पकड़े जाने पर उस शिक्षक से अपने पक्ष में ऐसा लिखवाकर अपने को पाक साफ़ सिद्ध कर रहे हैं जबकि इससे बीएसए प्रयागराज के द्वारा उस कथित शिक्षक से बदजुबानी की गई सत्य प्रतीत होती है। मामले में अपने को घिरता देखकर बीएसए प्रयागराज लीपापोती करने में जुट गए हैं जबकि उनको बेसिक शिक्षा महकमे के मुखिया होने के नाते अपने अमर्यादित व्यवहार में सुधार की आवश्यकता है।
बीएसए प्रयागराज के इस तरह के पक्षपातपूर्ण व घटिया व्यवहार के कारण उत्तरप्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की लोकप्रिय सरकार की स्वच्छ व पारदर्शी नीति पर बहुत बड़ा बट्टा लग रहा है। यदि उनकी कार्यशैली में सुधार न हुआ तो आगामी चुनाव में जनपद प्रयागराज में भारतीय जनता पार्टी को खासा नुकसान उठाना पड़ेगा।
