अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रहे नरेंद्र गिरी मामले के अभियुक्तों की हो फांसी की सजा : महंत रामदास

अयोध्या। सिद्धपीठ करतरिया बाबा आश्रम मंदिर के पीठाधीश्वर महंत रामदास महाराज ने प्रयागराज बाघम्बरी मंदिर के पीठाधीश्वर व अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरी महराज के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है व अभियुक्तों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो सकें।


अयोध्या के परमार्थी गौ सन्त सेवी महंत रामदास जी महाराज ने कहा कि भाजपा सरकार में आदि साधु संतों की हत्या व संदिग्ध मौत हो रही है जो कि बहुत ही दुःखत बात है। सन्त योगी जी मुख्यमंत्री है फिर भी सन्त महन्त व मठ अब सुरक्षित नही है। उन्होंने इस प्रकरण की सीबीआई जांच किए जाने की मांग की है। साथ ही कहा है कि भाजपा सरकार में यूपी के साधु संत जनता व सभी मठ मंदिर सुरक्षित नहीं है। इसलिए जनता मूड बना चुकी है कि 2022 में यूपी में सत्ता परिवर्तन करेंगे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को सीएम बनायेंगे। ज्ञात हो कि पूर्व सपा सीएम अखिलेश यादव प्रयागराज जाकर शोक जताकर व सख़्त जांच की मांग कर चुके है।


महंत रामदास ने कहा है कि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी साधु संत समाज के प्रति समर्पित रहे। हम उनके निधन व साकेतवास पर शोक प्रकट करते हैं तथा भगवान श्रीराम से प्रार्थना करते हैं कि उनकी आत्मा को स्वर्ग में शांति प्रदान करें। महंत रामदास महाराज ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरि के देहांत से साधु संत समाज की अपूरणीय क्षति हुई है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती हैं। महन्त नरेंद्र गिरी जी सभी साधु संतों को एक नजर से देखते थे और उनको सम्मान देते थे। हम इस प्रकरण की सीबीआई जांच की केंद्र सरकार से मांग करते हैं, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी पता चल सके, जो भी अभियुक्त हो उसको फांसी की सजा मिले। ताकि कभी ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।

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