अयोध्या। बड़ा भक्तमाल में मंगलवार को संतो ने की बैठक। इस बैठक में बोले कथाव्यास पवन शास्त्री संत समाज रामलीला का विरोध नही कर रहा। अयोध्या राम , रामलीला, रामचरितमानस की भी जन्मभूमि, श्री राम के चरित के बारे में खुद रावण ने कहा कि राम जी का मुखोटा लगा लेने से सारे विश्व की संपदा तुक्ष लगती। वर्चुअल रामलीला होते हुए संदेश एक्चुअल देता। अयोध्या के रामलीला की परंपरा वास्तविकता है। रामलीला का स्वरूप नही बिगड़ा जाए। फिल्मी हस्तियों की रामलीला का 3 माह से हो रहा विरोध, 80 प्रतिशत संत विरोध कर रहे। सरकार अगर आराध्य के चरित्र की परिभाषा तय करे यह उचित नही। संत इसको पसंद नही करेगा।फिल्मी हस्तियों के खिलाफ पीएम नरेंद्र मोदी। सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलना होगा मिलेंगे।
राशिकपीठाधिस्वर महंत जनमेजय शरण व महन्त अवधेश दास ने भी फिल्मी हस्तियों की वर्चुअल रामलीला का विरोध किया।रामलीला का विरोध नही।रामलीला का उपहास का विरोध। राम ने 5 लीला किया। पांचों रामलीला को दिखाना चाहिए। रामानंद सागर की रामलीला का आज भी पसंद की जा रही। भ्रष्ट लोगो को रामलीला का पात्र बनाये जाने का विरोध। इस संतो की बैठक में नागा रामलखनदास, संत कविराज, महन्त कामताशरण सहित कई संत महंत शामिल हुए।
