सीतापुर: सुरक्षित गर्भसमापन जानकारी के साथ लोग इस विषय पर हो जागरूक- अर्चना

प्रजनन स्वास्थ्य एवं सुरक्षित गर्भ समापन पर जिला स्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन

सीतापुर। सॉझा प्रयास नेटवर्क द्वारा प्रजनन स्वास्थ्य एवं सुरक्षित गर्भ समापन विषय पर जिला स्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन चि़त्रांशु समाज कल्याण परिषद संस्था के सहयोग से किया गया। कार्यशाला में साझा प्रयास नेटवर्क से रत्ना, दिलीप कुमार श्रीवास्तव व प्रोग्राम आफीसर अर्चना द्वारा प्रजनन स्वास्थ्य व सुरक्षित गर्भसमापन विषय पर अपने-अपने विचार रखे गए।


कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए सॉझा प्रयास सचिवालय लखनऊ से आए दिलीप श्रीवास्तव ने कहा कि यह नेटवर्क बिहार व उत्तर प्रदेश ने बीस स्वंयसेवी संस्थाओं का नेटवर्क है, जो कि महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य विशेषकर सुरक्षित गर्भसमापन सेवाओ को सुद्रढ करने व समुदाय में जागरूकता बढाने का कार्य करता है। वहीं रत्ना ने एमटीपी एक्ट के बारे में विस्तार से बताया कि हमारे देश में गर्भपात हेतु मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट 1971 लागू है, लेकिन गर्भ समापन सम्बन्धी कानून की जानकारी का लोगों में अभाव है। चॅूकि स्वैच्छिक संस्था के प्रतिनिधियों की भी स्थानीय स्तर पर सेवादाताओं की निगरानी की भूमि महत्वपूर्ण होती है। जबकि सीनियर रिसर्च एंड ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑफिसर अर्चना मिश्रा ने कहा कि भारत में मातृ मृत्यु दर में असुरक्षित गर्भसमापन का योगदान 8 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश में प्रति वर्ष होने वाले कुल 31 लाख गर्भपात में से सिर्फ 11 प्रतिशत ही स्वास्थ्य संस्थाओं में होते है। साथ ही उन्होंने कहा कि सुरक्षित गर्भसमापन विषय से संबंधित जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे और लोग इस विषय पर जागरूक हों। कार्यशाला में देवेन्द्र त्रिपाठी, हनी कश्यप, सचिन त्रिपाठी, कंचन सिंह, डॉ0 साधना मिश्रा, वीरेन्द्र बाजपेई, सीपी मिश्रा, आरपी मिश्रा, कलदीप शुक्ला, पुष्पेन्द्र िंसंह, देवेन्द्र त्रिपाठी, संजय शर्मा, कैसर जहां, जितेन्द्र, शिवांक पाण्डेय, दिलीप कुमार, आशीष बंसल, दीपक कुमार शुक्ला, हरिनारायण सिंह आदि स्वंयसेवी संस्था व मीडिया जगत के लोग मौजूद रहें।

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