अयोध्या: राम मंदिर आंदोलन के अगुवा रहे महंत रामचन्द्रदास परमहंस की पुण्यतिथि धूमधाम से मनी

पुण्यतिथि समारोह

अयोध्या श्रीराम मंदिर के बाद अब मथुरा और काशी की है बारी

पुण्यतिथि पर सन्तो महंतो शिष्यो व अन्य ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया नमन

अयोध्या। श्रीराम मंदिर आंदोलन के शलाका पुरुष एवं प्रेरणास्त्रोत अगुवा, महंत रामचंद्रदास परमहंस जी महाराज की 18वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सरयू तट स्थित उनकी समाधि स्थल पर मंगलवार को सन्त महन्त व शिष्यो ने उनको पुष्प अर्पित कर याद किये।

कार्यक्रम आयोजक उनके कृपापात्र नारायण मिश्र द्वारा परमहंस के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि प्रदान की गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में नारायण मिश्र ने कहा कि वर्षों से परमहंसजी की समाधि उपेक्षा का शिकार हो रही है। यह बड़े दुख का विषय है कि एक और जहां भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। वहीं दूसरी ओर राम जन्मभूमि आंदोलन के अगुआ का ऐसा निरादर और उपेक्षा देखकर मन विचलित होता है। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा जो सम्भव हो सका समाधि का निर्माण करवाया है। इसमें और भव्यता नव्यता की जरूरत है। जिसमे भक्तो शिष्यो के सहयोग की जरूरत है। आगे कहा कि राम मंदिर आंदोलन में जिन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनकी अपेक्षा बेहद घातक सिद्ध होगी। सरकारों को चाहिए किसी शीघ्र अति शीघ्र परमहंस जी की भव्य समाधि का निर्माण हो। साथ ही साथ राम जन्मभूमि आंदोलन में बलिदान हुए कारसेवकों के परिवार जो बदहाली और विपन्नता की स्थिति में जी रहे हैं। उन्हें न्याय प्रदान करते हुए उन्हें आर्थिक सहायता और उनके परिवार में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।

आगे कहा कि परमहंसजी का अंतिम स्वप्न अभिलाषाएं राम जन्मभूमि कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ मंदिर मंदिर का निर्माण होना, गौ हत्या पूर्ण रूप से प्रतिबंध, तथा अखंड भारत का निर्माण, इसमें से एक स्वप्न श्री राम जन्म भूमि के रूप में पूर्ण हो चुका है बाकी के बचे हुए सपनों को हिंदू एकता आंदोलन पार्टी पूर्ण करने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देगी।


इस श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता पूर्व सांसद डॉ राम विलास दास वेदांती ने किया। इस दौरान महन्त डॉ भरतदास महराज, स्वामी ओंकारा नंद जी, धर्मेंद्र गुप्ता, महंत वरूण दास जी, महन्त वैदेही वल्लभ शरण ,महन्त रामायणी राम शंकरदास, महंत राम ब्रह्मकुंड गुरुद्वारे चरणजीत सिंह, किशोरी जी, स्वामी दिलीप दास, हिन्दू नेता मनीष पांडेय, महन्त सत्येंद्र दास, भाजपा नेता शक्ति सिंह, सन्तराम पांडेय, रजत पांडेय, महंत धर्मदास, कुलभूषण तिवारी, महन्त लोचनशरण शास्त्री, राजन बाबा, चंद्रहास दीक्षित, पंडित विधि पूजन पांडेय, हीरामणि पांडेय, अजय शुक्ला आदि शामिल रहें।

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