तानाशाही द्वारा लाये काले कानून से किसानों को कॉरपोरेट नेटवर्क का गुलाम नहीं होने देंगे – उमाशंकर यादव

भाकियू राष्ट्र शक्ति ने किसान बिल अध्यादेश के खिलाफ प्रदर्शन कर सौपा ज्ञापन l

पूर्व लंबित मामलों में व वर्तमान ज्ञापन की मांगों पर भौतिक निरीक्षण की मांग, मांगों पर नहीं हुई कार्यवाही तो एक अक्टूबर से आमरण अनशन l

फसल लागत के तहत हो मूल्य निर्धारण का गारंटी कानून- एनसी वर्मा

जिला ब्यूरो(सीतापुर) भारतीय किसान यूनियन राष्ट्र शक्ति ने केंद्र सरकार द्वारा जारी किसान बिल अध्यादेश के खिलाफ जिला मुख्यालय स्थित शहीद पार्क लालबाग में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा।इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी भी की।

भारतीय किसान यूनियन राष्ट्र शक्ति ने केंद्र सरकार द्वारा जारी किसान बिल अध्यादेश के खिलाफ जिला मुख्यालय स्थित शहीद पार्क में शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष उमाशंकर यादव ने कहा कि सरकार किसान विरोधी बिल उस समय जारी किया गया कि जब देश महामारी से जूझ रहा था और सारा भाग किसानों के कंधे पर था।सरकार द्वारा जारी बिल अध्यादेश किसानों के लिए अहित वाला साबित होगा इस बिल से किसानों को कोई भी बेहतर लाभ मिलने वाला नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों की संख्या में मौजूद किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की इस दौरान ने बिल अध्यादेश के खिलाफ राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन उप जिला अधिकारी अमित भट्ट को सौंपा इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष उमाशंकर यादव, राष्ट्रीय महासचिव गयाप्रसाद शर्मा, राष्ट्रीय महामंत्री नरेश चन्द्र आर्य, राष्ट्रीय प्रवक्ता लखन राम सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष जयमल सिंह, जिला सचिव रमन वर्मा, मण्डल अध्यक्ष बृज पाल सिंह, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सरिता यादव, जिला प्रभारी उर्मिला देवी, मण्डल प्रभारी रेखा बाजपेई, विवेक सोनी जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा, विनय सक्सेना, फारुख अहमद, प्रभात सिंह, सडीला मछरेहटा के अनेको ग्रामवासी मजदूर किसान महिलाएं, सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।

संबंधित मामलों में जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित उपजिलाधिकारी अमिट भट्ट, उप पुलिस अधीक्षक योगेंद्र सिंह व अन्य अधिकारियों से वार्तालाप हुई l अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया है कि समय दीजिये, आपकी समस्याओं का निस्तारण अवश्य करवाएंगे भाकियू राष्ट्रशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा जिला प्रशासन को अवगत कराया गया कि यदि समस्याओं का उचित कार्यवाही के साथ समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों विवश होकर सड़को पर आंदोलन करना होगा और आमरण अनशन आखिरी सांस तक चलेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी व जबाबदेही प्रशासन की होगी,पूरे जिले में भृष्टचार के कई मामलों को पीड़ितों ने स्वयं अधिकारियों से बताया गया, जिसमें कुछ प्रमुख मामले आपूर्ति विभाग व तहसील कार्यालय के संरक्षण में ग्राम सडीला थाना मछरेहटा के कोटेदार की गबन, कालाबाजारी व गुंडागर्दी की शिकायत, बड़ागांव महोली में सरकारी स्टोर पर दबंगो भूमाफिया का अवैध निर्माण वर्षो से तैनात महाभृष्ट लेखपाल मुंन्नालाल की मिलीभगत व संरक्षण की शिकायत, अग्निकांड में हुए नुकसान, वरासत दर्ज मामलों में बीस बीस हजार रुपए की घूसखोरी, आदि प्रमुख मामले रहे l

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