108 एम्बुलेंस ने होली पर्व पर 9052 लोगों की बचाई जान

दोगुने से अधिक बढ़ गए रोड एक्सीडेंट व अन्य हादसों के मामले 

लखनऊ। रंगों का त्यौहार होली पर्व पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर व गुझिया खिलाकर रंगों के त्यौहार की बधाई दी। लेकिन, होली के त्यौहार में भी लापरवाही करना बहुत से लोगों पर भारी पड़ा और उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ गया।

प्रदेश में 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन करने वाली संस्था जीवीके ईएमआरआई (यूपी) के अधिकारियों के अनुसार होली के अवसर पर प्रदेश भर में सामान्य दिनों के मुकाबले काफी अधिक संख्या में सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इसको अलावा मारपीट-झगड़े व हादसों और स्वास्थ्य सम्बंधी परेशानियों के भी काफी मामले सामने आए। ऐसे में जरूरतमंद लोगों के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा जीवनदायिनी बनी और तत्काल मदद करते हुए लोगों को प्राथमिक उपचार दिया और अस्पतालों में भर्ती कराया। समय पर एम्बुलेंस सेवा व प्राथमिक उपचार मिलने से 9052 लोगों की जान बच सकी। इनमें सीतापुर के 266, लखीमपुर खीरी के 244, लखनऊ के 241, गोरखपुर के 236, बाराबंकी के 214 लोग शामिल थे।

दोगुने से अधिक बढ़ गए रोड एक्सीडेंट के मामले
सेवा प्रदाता संस्था जीवीके ई.एम.आर.आई. के स्टेट हेड किशोर नायडू के अनुसार होली के दिन 108 एम्बुलेंस सेवा के जरिए रिकार्ड 9052 इमरजेंसी मामले में लोगों की चिकित्सा मदद की गई। जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या 7500 से 7733 तक रहती है। उन्होंने बताया कि होली के दिन करीब 1865 रोड एक्सीडेंट के मामलों में सेवाएं दी गई हैं जबकि सामान्य दिनों में करीब 854 रोड एक्सीडेंट के मामले आते हैं। इस प्रकार होली के दिन रोड एक्सीडेंट के मामले दोगुने से अधिक हुए हैं। इसके अलावा अन्य प्रकार के हादसों (नान वेहिकुलर ट्रामा) की संख्या भी दोगुने से अधिक रही। सामान्य दिनों में 612 के मुकाबले त्यौहार के दिन 1439 लोगों को घायल होने पर अस्पताल पहुंचाया गया।
होली के मद्देनजर 108 एम्बुलेंस सेवा ने खास इंतजाम किए थे। सेवा से जुड़ी एम्बुलेंस को सड़क दुर्घटना के लिहाज से संवेदनशील स्थानों पर खास तौर पर तैनात किया गया था। इसके अलावा एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस को भी 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे। ताकि जरूरतमंदों को इन्हें शीघ्र उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाई जा सके।

सेवा प्रदाता संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार सितम्बर-2012 में प्रदेश में शुरू हुई 108 एम्बुलेंस सेवा होली पर लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है। इस सेवा से सैकड़ों जरूरतमंदों की जान बचाई जा सकी। घायलों से लेकर उनके परिजनों ने तत्काल मदद के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा के स्टाफ की काफी प्रशंसा की और उन्होंने अपना आशीर्वाद दिया। 108 सेवा के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में वर्तमान में 2200 एम्बुलेंस संचालित हो रही हैं।

होली के दिन टाप 5 इमरजेंसी वाले जिले
सीतापुर-266
खीरी-244
लखनऊ-241
गोरखपुर-236
बाराबंकी-214

प्रदेश में कुल इमरजेंसी
होली के दिन-9052
सामान्य दिनों में (एवरेज)-7733

होली के दिन
ट्रॉमा वेहिकुलर 1865
ट्रॉमा नान वेहिकुलर 1439

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