रामकोट/सीतापुर। रामकोट के सार्वजनिक स्थान प्राथमिक विद्यालय रामकोट के प्रांगण में पूर्व सूचना के अनुसार रामकोट में प्रस्तावित चकबंदी की प्रक्रिया के सन्दर्भ में किसानों की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। जिसमें लगभग 95 कृषक उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि ग्राम सभा में कोई भी प्रगति अब तक नहीं हुई है। यदि आप लोग सहमत हैं तो चकबंदी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। आयोजित बैठक में मौजूद किसानों को रामकोट में चकबंदी विभाग नायब व लेखपाल की ओर से प्रस्तावित चकबंदी प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
ग्राम में चकबंदी प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के विषय में कृषकों को चकबंदी से होने वाले लाभों को बताया गया। परंतु उपस्थित कृषक एकमत से चेक का विरोध करने लगे। अधिकांश कृषक चकबंदी नहीं चाहते हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामनिवास वर्मा ने उपस्थित कृषकों को समझाया। परंतु कृषकों के साथ ही वह भी चकबंदी नहीं चाहते। कृषकों द्वारा एक जाई/एकमत होकर चकबंदी का विरोध किया गया। सबका कहना है कि ग्राम को चकबंदी से पृथक कर दिया जाए।
इसके बाद सर्वसम्मति से बैठक में मौजूद रामकोट ग्राम सभा के सभी मजरों के किसानों ने इस प्रस्तावित चकबंदी प्रक्रिया का पूरजोर विरोध किया। इस दौरान ग्रामीणों व किसानों ने बताया कि चकबंदी प्रक्रिया की यहां कोई आवश्यकता नहीं है। अधिकांश किसान अपने चकों को लेकर पूरी तरह संतुष्ट हैं।
बैठक में रामकोट को चकबंदी प्रक्रिया से पृथक करने संबंधी सर्वसम्मति से पूर्व लिखित प्रस्ताव एवं वर्तमान लिखित कार्यवाही सहित ग्राम सभा की ओर से प्रधान रचना वर्मा एवं प्रधान प्रतिनिधि रामनिवास वर्मा पप्पू के अलावा बैठक में मौजूद किसानों की ओर से उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सहायक चकबंदी अधिकारी महेंद्र कुमार पाल, चकबंदी कर्ता रामबली, घसीटे प्रसाद चकल डी लेखपाल दीपिका, प्रिया सोनकर, दुष्या यादव, लालता, राकेश के अलावा प्रधान प्रतिनिधि रामनिवास वर्मा पप्पू, किसान तुरंत नाथ अवस्थी, शिव कुमार, रामशंकर, संतराम, राम नरेश वर्मा, रवि, रेनू, भोला, अनिल कुमार, राम भरोसे, सुनीत कुमार गुप्ता, राम शंकर, दया शंकर, उत्तम कुमार, हरद्वारी लाल, अभय कुमार, शुभम सिंह, रामशरण सिंह, हेम सिंह, अरविंद कुमार, आदि मौजूद थे।
रिपोर्ट- रियासत अली सिद्दीकी
