सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए प्रदेश सरकार का आदेश हवा-हवाई साबित
रियासत अली सिद्दीकी, रामकोट
रामकोट/सीतापुर। जिला मुख्यालय से महज 12 किमी दूर रामकोट कस्बे के मुख्य चौराहे की दशा अति दयनीय हो चुकी है। सड़क में बने गड्ढे लोगों के लिए जानलेवा बन गए हैं। ऐसे में प्रशासन व जिम्मेदारों का उदासीन रहना लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है।

मुख्य चौराहे पर जहां हजारों की संख्या में लोग आवागमन करते हैं। वहीं सड़क की दुर्दशा पर लोग न चाहते हुए भी यात्रा करने को मजबूर हैं। सड़क की ऐसी दशा को लेकर कस्बे के लोगों में पीडब्ल्यूडी विभाग की घोर लापरवाही के चलते आक्रोश व्याप्त है। आए दिन कोई न कोई वाहन चालक इसमें गिरकर घायल हो रहा है। यह दशा सीतापुर-हरदोई मार्ग के रामकोट कस्बे के मुख्य चौराहे की सड़क का है। इस मार्ग से विश्वप्रसिद्ध 88 हजार ऋषि मुनियों की तपोभूमि नैमिषारण्य, हरदोई, मिश्रिख, जवाहरपुर चीनी मिल, बीहट गौड़, वजीननगर, सहित सैकड़ों गावों व कस्बों का प्रतिदिन आवागमन होता है। कस्बों व दूरदराज से हजारों की संख्या में बच्चे अध्ययन करने के लिए आते हैं। वहीं टूटी गड्ढा युक्त सड़कें हादसों को बुलावा दे रही हैं। जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क पर बरसात के समय में गड्ढों में पूरी तरह से पानी से भर जाता है। समय सीमा समाप्त होने के बाद गड्ढों में तब्दील सड़क का हाल लेने वाला कोई नहीं है। आए दिन साइकिल व मोटरसाइकिल सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सबसे दयनीय स्थिति सड़क पर पड़ने वाले कई स्थानों के मोड़ हैं। जहां गड्ढों का अनुमान न होने के कारण समस्या दोगुनी हो जाती है।
आदर्श गुप्ता छोटू ने बताया कि गड्ढानुमा मुख्य चौराहा रामकोट की पहचान बन गई है। प्रदेश सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क के फरमान के बावजूद क्षेत्र के आधे संपर्क मार्ग अभी भी गड्ढा युक्त है। इसका मुख्य कारण संबंधित विभागीय अधिकारियों की उपेक्षा और लापरवाही ही है। जब सरकार के आदेश की इस प्रकार धज्जी उड़ा रही है तो यह अधिकारी जनता के निवेदन के साथ कैसा बर्ताव करते होंगे आसानी से समझा जा सकता है।
समाजसेवक मो. आमीन उर्फ बादशाह ने कहा कि चौराहे की बदहाली के लिए सर्वाधिक जिम्मेदारी इलाके के जनप्रतिनिधि की होते हैं। निर्माण के समय ही यदि वह इस पर सतर्क नजर रखें या अपने लोगों से रखवाएं तो मार्ग मानक के अनुसार ही बनेंगे। यह टिकाऊ और आवागमन के लिए सुगम भी होंगे। जनप्रतिनिधि कब अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग होंगे यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है।
जितेंद्र प्रसाद ने कहा कि खस्ताहाल मार्ग पर चलना दुरुह तो है ही अक्सर दुर्घटनाग्रस्त हो अस्पताल पहुंचने की संभावना बनी रहती है। मार्गों की स्थिति मानक विहिन निर्माण के कारण दयनीय होती जा रही है। इसका मुख्य कारण ऊपर से नीचे तक कमीशन खोरी और ठेकेदारों का मुंह बड़ा हो जाना है। वह भी किसी निर्माण कार्य में अपने लिए अधिकाधिक लाभ की प्रवृति से ग्रसित हो गए हैं।
क्षेत्र के डॉ आरके यादव, मो.अहमद, नीरज गुप्ता, उमेश गुप्ता, रमेशचंद्र पाण्डेय, असगर अली, जाहिद अली, जाकिर अली, मो. इलियास, कौशल किशोर गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, विवेक गुप्ता, जीतू गुप्ता, सुरेश गुप्ता, अम्बिका अवस्थी,ओम प्रकाश पांडे, वारिस अली, नैमिष वर्मा, दिनेश कुमार, जीशान अली, मोहम्मद नईम, मो.शहवान सहित अन्य ने मार्ग को जल्द से जल्द बनवाने की मांग की है।
