यूपी के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, उजागर हुए तथ्य
झारखंड के 50 और यूपी के 41 फीसद स्कूलों में शिक्षकों का अभाव, ये हैं आरटीई के मानक, आर टी आई से हुआ खुलासा”
उत्तर प्रदेश : एक तरफ जहा राज्य सरकारें बड़े-बड़े दावे करती नही थकती। वही सूचना के अधिकार से मिली जानकारी ने राज्य सरकारों की बोलती बंद कर दी है!
स्कूली शिक्षा की यह बदहाली संसद को हाल ही में दी गई एक जानकारी में सामने आई है। यह स्थिति तब है जबकि स्कूली शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए केंद्र की ओर से राज्यों को हर साल मदद दी जाती है। इनमें आरटीई नियमों के तहत छात्र-शिक्षक अनुपात को पूरा करने के लिए भी पैसा दिया जाता है। इसके साथ ही राज्यों को समय-समय पर शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। रिपोर्ट में देश के जिन अन्य राज्यों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी है उनमें झारखण्ड सबसे शीर्ष पर है जहाँ के 50प्रतिशत स्कूलों में शिक्षक नही है इसके अलावा उत्तर प्रदेश के 40 प्रतिशत स्कूल शिक्षक विहीन है।

राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड आदि राज्य भी शामिल हैं। इन राज्यों में आरटीई के तय मानकों के तहत करीब 25 फीसद से ज्यादा स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं।

गुजरात की स्थिति सबसे अच्छी : इस मामले में गुजरात की स्थिति सबसे बेहतर है। वहां सिर्फ नौ फीसद ही ऐसे प्राथमिक स्कूल हैं जहां आरटीई मानक के तहत शिक्षक नहीं हैं। उच्चतर प्राथमिक स्कूलों में भी यह स्थिति बाकी राज्यों के मुकाबले काफी अच्छी है। इनमें सिर्फ 14 फीसद ही ऐसे स्कूल हैं जहां तय मानक के मुताबिक शिक्षक नहीं हैं।
