सीतापुर- जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने जिले में जहां सूखे से निपटने के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से युद्वस्तर पर कार्यायोजना के अनुसार कार्य करने की 
कवायद पिछले कई दिनों पहले से ही शुरू कर दी थी, वही इसी के समानान्तर बाढ़ से निपटने हेतु बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में युद्वस्तर पर कार्य शुरू करने के निर्देश दिये है। जिले के गांजर क्षेत्र में शारदा एवं घाघरा नदी की बाढ से कटान के फलस्वरूप प्रभावित होने वाले गावों को बचाने एवं प्रभावित लोगों को राहत पहुचाने हेतु तैयारियॉ प्रारम्भ कर दी गयी है। इसके लिए जिलाधिकारी आज स्वंय सिचांई विभाग के अभियन्ताओं एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सुदुरवर्ती सम्भावित बाढ ग्रस्त क्षेत्रों में गए और बाढ़ एवं कटान को रोकने हेतु कराए जा रहे कार्यो का स्थलीय निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी आज पूरे दिन भीषण गर्मी व कडी धूप में सिचांई विभाग के अभियन्ताओ व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बाढ सुरक्षा हेतु कराये जा रहे कार्यो का निरीक्षण किया और नदी के किनारे बासे गांव के ग्राम वासियों से मुलाकात की तथा उनसे पिछले वर्षो में आयी बाढ एवं कटान की जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष समय से पूर्व बाढ एवं कटान से निपटने हेतु बाढ सुरक्षा के कार्य प्रारंभ कर दिये गये है कई जगहों पर बाढ सुरक्षा परियोजना का कार्य पूरा हो चुका है। कई परियोजनाओं पर कार्य युद्वस्तर पर चल रहा है ग्रामवासियों ने बाढ सुरक्षा हेतु कराये जा रहे कार्यो पर खुशी जातातें हुए कहा कि इन कार्यो के हो जाने से इस वर्ष बाढ से जन धन की हानि की सम्भावना काफी कम हो जायेगी।
श्री तिवारी आज प्रातः लगभग 9.30 बजे जिला मुख्यालय से लगभग 100 किमी0 की दूरी पर घाघरा नदी के दांये किनारे पर स्थित ग्राम निर्मलपुरवा, कोनी, फौजदार का पुरवा दुर्गा का पुरवा आदि ग्रामों को बाढ से बचाने के हेतु चलाई जा रही परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया जहां पर जिओ बैग/खाली सीमेंट की बोरीयों में रेत भरकर स्टड बनाये गये है अधिशाषी अभियन्ता सिचांई ने इस अवसर पर जिलाधिकारी को बताया कि बाढ सुरक्षा हेतु 15 स्टड बनाये जा चुके है। परियोजना का कार्य पूरा हो चुका है सम्भावित बाढ एवं कटान से प्रभावित होने वाले गांव सुरक्षित हो जायेगे। परियोजना पर लगभग 1119 लाख रूपये व्यय किये गये है।
जिलाधिकारी ने घाघरा नदी के दांये किनारे पर स्थित गोडियन का पुरवा और मेढई का पुरवा, गौलोकोडर आदि ग्रामों को बाढ से बचाने के लिए बनाये गये 14 स्टड का अवलोकन किया इस परियोजना पर लगभग 1044 लाख रू0 की लागत बतायी गयी । जिलाधिकारी द्वारा इस परियोजना का लगभग डेढ घण्टे तक गहन निरीक्षण कर इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी प्राप्त की गयी।
जिलाधिकारी श्री तिवारी गौलोकोडर परियोजना का निरीक्षण करने के बाद शारदा नदी के किनारे पर स्थित ग्राम काशीपुर पहुचे जहां पर उन्होनें काशीपुर व अपस्ट्रीम असईपुर की कटान एवं बाढ की सुरक्षा हेतु बनाये जा रहे परक्यूपाईन स्टड पर कराये जा रहे कार्य को देखा। श्री तिवारी ने शारदा नदी के दांये किनारे पर ही स्थित काशीपुर, नई बस्ती, खमरिया में चलाई जा रही बाढ सुरक्षा परियोजना का निरीक्षण किया जहां पर तेजी के साथ चलता हुआ कार्य पाया गया। जिलाधिकारी ने शारदा नदी के दांये किनारे स्थित बसन्तापुर देवपालपुर में बाढ सुरक्षा हेतु बनाये जा रहे 25 परक्यूपाईन स्टड निर्माण कार्य का निरीक्षण किया अधिशाषी अभियन्ता सिचांई वी0के0 सिंह ने बताया कि बसन्तापुर देवपालपुर में बाढ से बचाव के लिए बनाये जा रहे परक्यूपाईन स्टड निर्माण का कार्य जून तक पूरा हो जायेगा जिस पर लगभग 1189 लाख रूपये खर्च होने की सम्भावना है।
निरीक्षण के समय जिलाधिकारी के साथ मुख्य विकास अधिकारी संदीप कुमार, अपरजिलाधिकारी विनय कुमार पाठक सहायक अभियन्ता सिचांई अभिलाख सिंह उपजिलाधिकारी बिसवां किंशुक श्रीवास्तव व उपजिलाधिकारी लहरपुर भी उपस्थित रहे।
